कविता :- प्रयास करो तो ऐसा
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*कविता :- प्रयास करो तो ऐसा *
प्रयास करो, प्रयास करो....
जिन्दगी के लिए प्रयास करो,
कुछ करने के लिए प्रयास करो....
जिन्दगी में सुधर करने का, प्रयास करो,
कि...
Wednesday, September 8, 2010
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8 comments:
अच्छे लग रहे हो माधव जी. रोना किस बात का है? वैसे भी जितने महान लोग हुए लगभग बाल विहीन थे :)
हार्दिक शुभकामनाएँ।
………….
साँप काटने पर क्या करें, क्या न करें?
रोईये मत आगे आ जायेंगे ....
ऒये गंजे रो क्यो रहा है भाई ? अभी हम भी एक बच्चे के मुंडन देख कर आये, वो बिलकुल नही रोया, हम सब हेरान हुये, ओर फ़िर बाद मै भी खेलने मै मस्त रहा, चल अब चुप हो जा ओर हमारी तरफ़ से तुम्हे ओर तुम्हारे मां बाप कॊ , दादा दादी को सभी को बहुत बहुत बधाई
ऐसे मौके पर कई बच्चे रोते हैं,कई नहीं। कारण मनोवैज्ञानिक ही जानें।
सचमुच, आपकी पोस्ट बहुत बढ़िया है।
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इसकी चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/16.html
ओ हो हो हो
हार्दिक शुभकामनाएँ...
dekhen please www.geegalo.blogspot.com
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