Thursday, September 23, 2010

बारिस ,यमुना @ 207.05 मीटर , बाढ़ और लिट्टी चोखा का मजा


कल दिल्ली में खूब बारिस हुई , शाम में बारिस शुरू क्या हुई पूरी रात बारिस होती रही .इस साल तीसरी बार दिल्ली में फिर बाढ़ का ख़तरा पैदा हुआ है. रविवार से ही बारिस हो रही है . . पापा शाम सात बजे बारिस में भींगते हुवे ऑफिस से घर आये. बता रहे थे की रिंग रोड , माल रोड सभी जगह जाम लगा है .कल दिल्ली में यमुना पुरे उफान पर थी ,हथनीकुंड बाँध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है . २०७ मीटर का रिकॉर्ड १९८८ के बाद टूटा था .पापा कल ऑफिस के रास्ते जाते समय यमुना जी की कुछ तसवीरें लाये है लो आप भी दर्शन कर लो.



यमुना @207.05 metre, गणेश विसर्जन भी हो रहा है


यमुना @ 207.05metre


यमुना @ 207.05 Metre


यमुना@207.05 meter


पुरे दिन बारिस के कारण मै भी घर में नजरबंद हो गया था , सो पापा के आते ही बाहर आने की फरमाईश कर डाली , मैंने सैंडल भी पहन लिए , बाहर खूब तेज बारिस हो रही थी , पापा बहुत मुश्किल में पड़ गए , फिर किसी तरह मुझे मम्मी ने मनाया .

बारिस में पापा ने मम्मी से लिट्टी चोखा बनाने की बात कही . पापा ने दो महीने पहले ही वजीराबाद गांव से उपले लाकर रख दिया था. बाकी सारा सामान ( निम्बू , अदरक , धनिया , हरी मिर्च ) हम परसों ही लाये थे सो बारिस में भींगकर कुछ भी लाने की जरुरत नहीं थे , सब कुछ घर पे मौजूद था , बस बनाने की जज्बे की जरुरत थी और वो जज्बा मम्मी में था , बस क्या, मम्मी लिट्टी चोखा बनाने की तैयारी में गयी . चैम्पियनस लीग का मैच ( चेन्नई vs वोर्रीयर) 9 PM, शरू होते होते , लिट्टी -चोखा बन कर तैयार भी हो गया था . देसी घी में लगा कर आलू बैगन का भरता , चटनी और सलाद के साथ मम्मी ने मुझे और पापा को पेश किया , आप भी देख लो .


लिट्टी


आलू बैगन के भरते के साथ


लिट्टी खाने के बाद पापा के साथ एक सुन्दर पल

38 comments:

हिमांशु पाण्डेय said...

बहुत खूब माधव जी। यमुना जी के दर्शन कराने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

शुभम जैन said...

अरे माधव अब ऐसी ऐसी चीज़े न दिखाया करो तुम की हमें भी बनाना ही पड़ जाये...अब लिट्टी दिखा दी बिना खाए तो रहा ही नहीं जायेगा...समझा करो भाई अब आगे से न दिखाना कुछ ऐसा ओक्क :)

सैयद | Syed said...

लिट्टीssssssss... वाह !! हम कब आयें लिट्टी खाने... ?

शिक्षामित्र said...

हम्म................लिट्टी-चोखा। शायद,राष्ट्रमंडल के लिए तैयार 250 व्यंजनों में एक यह भी हो।

Udan Tashtari said...

हाय!! कितना ललचाओगे.....

Vijai Mathur said...

Madhav,
Tumhara varnan padha achcha hai.Tumney hamara post padha aur
coment kiya,
THANKS

Vijai Mathur said...
This comment has been removed by the author.
Gopal Singh said...

mazaa a gayaa dekh kar

Gopal Singh said...

yaar kamal ke bande ho tum

Gopal Singh said...

very yummy food

रावेंद्रकुमार रवि said...

भुने हुए आलू देखकर तो मुँह में पानी आ गया!

राज भाटिय़ा said...

माधब बेटा खुब मजे कर , लेकिन बरसात मै नहाया नही तू? भाई हम तो खुब नहाते थे बारिश मै, हम क्या आसपाडोस के सभी बच्चे नहाते थे जी भर के, फ़िर घर पर गर्मा गर्म दुध पीते थे कि कही बिमार ना पड जाये.यमुना जी को हमारा प्रणाम बोलो.

राज भाटिय़ा said...

ओर सुन कमला नगर, घंटा घर तो बचा है ना बाड से कि यहां भी पानी आ गया ?

चैतन्य शर्मा said...

वाह माधव....... इतना टेस्टी खाना ... अकेले अकेले.....

shikha varshney said...

यमुना जी के दर्शन करने का शुक्रिया ..पर ये लिट्टी चोखा जैसी तस्वीरें न लगाया करो .मजबूरों को जलना अच्छी बात नहीं :)

M VERMA said...

यमुना में पानी ही पानी और तुमने भी तो मुँह में पानी ला दिया

सुनीता शानू said...

अरे माधव हमने तो कभी नाम भी नही सुना इस लिट्टी चोखे का इतने लोग बोल रहे हैं तो अच्छा ही होगा। मगर बनाये कैसे? पूरी विधि लिख दो तो भला हो वरना मुह में पानी व्यर्थ आता रहेगा :)

ललित शर्मा said...

Vah liti chokha......vah

Babli said...

दिल्ली में तो मुसलाधार बारीश हुई! तस्वीरें देखकर पता चल रहा है! अरे माधव हमें लिट्टी खाने के लिए नहीं बुलाओगे? मुझे तो लिट्टी बहुत पसंद है! पापा के गोद में बैठे हुए तुम बहुत प्यारे लग रहे हो!

माधव said...

@ राज भाटिय़ा

कमला नगर, घंटा घर बाढ़ से सुरक्षित है . हां मुखर्जी नगर में पानी आ गया है

माधव said...

@ रावेंद्रकुमार रवि

हा हा हा हा हा हा

रवि अंकल , ये भुना हुआ आलू नहीं है , आप धोखा खा गए है ? दुबारा देखिये और पढ़िए फिर बताइये ये क्या है ?

वैसे जो इसको जानता है उसके मुह में जरुर पानी आएगा .

माधव said...

@ shikha varshney

आप विदेश में रह कर भी लिट्टी चोखा के बारे में जानती है , जानकार बहुत खुशी हुई . आप की लेखनी जबरदस्त है .

माधव said...

@ Babli

बहुत अजीब दुविधा है विदेश में बसे लोगो को लिट्टी चोखा के बारे में पता है पर अपने देश में बसे लोग( यु पी , दिल्ली ) ही इसे नहीं जानते है .

आप विदेश में रह कर भी लिट्टी चोखा के बारे में जानती है , जानकार बहुत खुशी हुई

Chinmayee said...

व्वा आज लिट्टी देखके मामाजी कि याद आगई पिचली बार भारत में मामाजी के साथ हमने एक बागिचेमे इसका आनंद लिया ..... अपने देश कि बात ही कुछ और है ....

sada said...

बहुत ही बढि़या प्रस्‍तुति दी है आपने ।

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

badhiya hai!!

Tarkeshwar Giri said...

Abe yar mujhe to us din sala ek bhi upla nahi mila, dil machal gaya

कुमार राधारमण said...

भई बहुत हुआ। अब तो बस करें इन्द्र देवता।

G.N.SHAW said...

सत्तू का लिट्टी हो तो और मजा आ जाता है,आप के पसंद का कायल हु मै.मै भी जब बल्लिया जाता हूँ,तो आलू बैगन का चोखा और लिट्टी खाना बहुत पसंद करता हूँ.वैसे ये सब यहाँ नहीं मिलाता है.ऐसा खाना बहुत ही स्वास्थ्य बर्धक है.वह भी बरसात में,मजा कुछा और ही होता है. धन्यवाद.

अक्षयांशी सिंह सेंगर-Akshayanshi said...

वाह मजे ही मजे...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

माधव बेटा, लिटटी चोखा देखकर मुँह में पानी भर आया। ईमेल के साथ अटैच करके भेज सकते हो क्या?
--------
प्यार का तावीज..
सर्प दंश से कैसे बचा जा सकता है?

Rajesh said...

Wonderful. This year Yamuna is overflowing.

Ashish (Ashu) said...

देख भाई माधव अगली बार ऎसी चीजो की फोटो मत लगाया करो...अब तुम ही बतावो तुम्हार ब्लाग पढू कि लिट्टी चोखा को देख देख कर ललचाऊ...
अब तो तुम्हारे घर आना ही होगा...खास तॊर से लिट्टी चोखा के लिये...मम्मी को बता देना..(अगली बार से वे खुद कहेगी देखो जी खाने- पीने की फोटो मत लगाया करो..वो xxx आ जायेगा हमारे घर)

Akshita (Pakhi) said...

लिट्टी चोखा तो बढ़िया है..हम आयेंगें तो हमें भी खिलाना.

रंजन said...

बहुत देर से आया.. अब तक तो खत्म हो गया होगा न.. :(


प्यार..

रंजन said...

बहुत देर से आया.. अब तक तो खत्म हो गया होगा न.. :(


प्यार..

माधव said...

@ रंजन
हां देर से आने के चलते खतम तो हो गया है पर जल्द भारत पधारिये , एक बार फिर बना देंगे आप के लिए

डॉ टी एस दराल said...

अरे वाह , बहुत सुन्दर फोटो हैं । वो कुत्ते वाला तो बड़ा नेचुरल लगा ।
लिट्टी चोखा तो हमने कभी खाया ही नहीं । पर देख कर ही मज़ा आ गया ।

 
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