Monday, September 20, 2010

संडे , बारिस , पाँव भाजी और बारिस में पोलियो खुराक (19 September 2010)

इस साल दिल्ली पर मानसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान है , सितम्बर महीने में आजतक २१० मी ली बारिस हो चुकी है तो इस दशक का रिकॉर्ड है . रविवार से मौसम फिर गीला हो चुका है . सुबह सुबह ही खूब बारिस हो रही है . कल सुबह नींद से जगा तो बारिस हो रही थी.नींद से उठते ही मैंने मम्मी से बनाना (केला) खाने के लिए माँगा , उस वक्त घर में सिर्फ एक केला पड़ा था जो मम्मी ने मुझे दिया.

कभी तेज बारिस, कभी फुहार, बारिस जारी थी . मम्मी ने मौसम का मिजाज देखकर पाँव भाजी बनाया , जिसे मैंने और पापा ने खूब छक कर खाया . पाँव भाजी खाने के बाद पापा मुझे बाइक पर बिठाकर पोलियो सेंटर पर गए , रास्ते में बारिस की फुहारें मुझे भिगाती रही. पोलियो दवा पीने के बाद पापा ने मेरे लिए केले खरीदे फिर हम वापस घर को आ गए . घर के दरवाजे पर बंदरों का एक दल खडा था , हमारे हाथ में केला देखते की सारे बन्दर हम पर झपट पड़े , पापा ने फुर्ती दिखाते हुवे घर में प्रवेश करते ही तुरंत दरवाजा बंद कर दिया . बेचारे बन्दर हाथ मलते रह गए , फिर पापा को बारिस में भीगते बंदरों पर दया आ गयी और उन्होंने कुछ केले बंदरों की तरफ फेंक दिए. हमें जानवरों के प्रति दवावान और संवेदनशील होना चाहिए . है ना !





मम्मी का बनाया हुआ पाँव भाजी

मेरी मम्मी का बनाया खाना , दुनिया का नंबर वन

है ना !

बारिस में पोलियो सेंटर

बारिस में पोलियो सेंटर


14 comments:

M VERMA said...

पाँव भाजी देखकर तो मुँह में पानी आ गया.
आज की बारिश (सोमवार) में हम भी भीग गये.

Pankhuri Times said...

माधव भैया, अभी तो मैं पावभाजी ही नही खाने की सारी चीज़ को आऊ ही बोलती हूँ तो आऊ की फ़ोटो देख मैंने फिर कहा- आऊ . और फिर कहा अउआ , यानी मुझे भी दो.

शुभम जैन said...

areee wah bahut tasty lag rhi hai ye paao bhaji to...tikhi tikhi majedaar :)

aur gud boy polio khurakh le li...very gud...

god bless bachche.

रानीविशाल said...

पाव भाजी देख कर तो मुह में पानी आरहा है ......क्या भाई तुमने अकेले अकेले ही मज़े दे ले लिए :(
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का

Babli said...

मुझे तो पाव भाजी बेहद पसंद है! क्या मैं आ जाऊं माधव तुम्हारे साथ पाव भाजी खाने? बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं!

चैतन्य शर्मा said...

yani din bahut achha beeta... maadhav...

Akshita (Pakhi) said...

पाव भाजी...यमी-यमी !!

माधव said...

@ Babli

जी आपका सहर्ष स्वागत है

Tausif Hindustani said...

अकेले अकेले खा रहे हो हमें पुछा भी नहीं
dabirnews.blogspot.com

Chinmayee said...

बहुत अच्छे मुझे भी पाव भाजी बहुत पसंद है ...

yum yum

दिगम्बर नासवा said...

मुँह में पानी आ रहा है .....

रावेंद्रकुमार रवि said...

ज़रा देखो तो आकर,
तुम्हारे साथ और कितने लोग
यह स्वादिष्ट पाव-भाजी खाना चाहते हैं!
मन को भाने नए दोस्तों का दिन आया : सरस चर्चा (14)

संजय भास्कर said...

पाव भाजी बहुत पसंद है

Udan Tashtari said...

अरे माधव..मेरी प्लेट???

 
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