Tuesday, September 14, 2010

दिल्ली बाढ का मै भी गवाह बना (११/०९/२०१०)

पिछले शनिवार को दिल्ली में बाढ आई थी . यमुना खतरे के निशाँ से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही थी. शनिवार( 11 September,2010) को छुट्टी के चलते पापा घर पर ही थे . मुझे कफ की शिकायत थी , नाक से पानी आ रहा था , चिडचिडा सा हो गया था . दोपहर होते होते घूमने के लिए रोने लगा , तब पापा मुझे यमुना जी( चंदगी राम अखाड़े के पास ) के किनारे ले गए . यमुना में बाढ आयी हुई थी , जब मै यमुना तट पर पहुंचा, यमुना अपने अधिकतम लेवल पर थी ( 206.70 Metre), ये काँटा २०७ को छूने वाला ही थी .बाईस साल पहले यमुना इसी लेवल पर थी तब बाढ आया था . मैंने यमुनाजी में कुछ पत्थर -कंकण मारे और घर आ गया , पर मेरे जाने के कुछ देर बाद पानी कम होने लगा और शाम तक टी वी पर आने लगा की पानी कम होने लगा था .













11 comments:

राज भाटिय़ा said...

अरे वाह गंजे यमुना जी के दर्शन करवा दिये तुने तो

pratibha mishra said...

thanks for joining my blog.
badhi hui yamuna jee kedarshan karane ke lie dhanyvad

रावेंद्रकुमार रवि said...

इस पोस्ट की चर्चा यहाँ है -
रिमझिम का प्यारा दोस्त कौन है? : सरस चर्चा (13)

रानीविशाल said...

bahut acchi post...aapki nazar se ye drashya hamane bhi dekha.
main nanhi blogger
अनुष्का

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

अच्छी प्रस्तुति,

यहाँ भी पधारें :-
अकेला कलम...

Akshita (Pakhi) said...

बढ़ से बचकर रहना माधव.....

vichaar said...

bahut badhiya...keep it up

डॉ. मोनिका शर्मा said...

achhi post maadhav.... aapke zariye hame bhi sthiti ka pata chala....

रंजन said...

बेटे लाल पहचान में भी नहीं आ रहा...

अब क्या हाल है... बाढ़ का और जुकाम का?

माधव said...

@ Ranjan

बाढ और जुकाम दोनों उतर गए

arvind said...

mujhe lagta hai aapko dekhkar baadh sharmaa gai hogi.....badhiya post.

 
Copyright © माधव. All rights reserved.
Blogger template created by Templates Block Designed by Santhosh
Distribution by New Blogger Templates