Wednesday, January 6, 2010

मेरी दादी

दादी का प्यार अनमोल है , माँ से भी ज्यादा प्यार करती है मुझे . आरा जाने के बाद उन्होंने मेरे लिए तिलकुट , लाइ , मेथी बनाई . मै रोज सुबह उठते ही लाई खाता हूँ , मुझे लाई खाता देख दादी को दिल से खुशी मिलती है . मेरी दादी टीचर है , समय कम है पर फिर भी अपनी ब्यस्त दिनचर्या से मेरे लिए काफी समय निकाल लेती है , मै चाहता हूँ दादी हमेशा मेरे पास रहे और मुझे प्यार करती रहे . मै दादी का प्यार पाकर बहुत खुश हूँ , और अपनी खुशी में ही ये पोस्ट लिख रहा हूँ . मै दादी के कमरे में जाकर उनके सामान को बिखरा देता हूँ और दादी ये देख कर खुश होती है . एक दिन मैंने उनके बक्से पर खूब जोर अजमाईस की और खोलने की कोशीश की . दादी बहुत ही पूजा पाठ करती है उन्होंने अपने लिए एक पूजा रूम बनवा रखा है , मै उस रूम में जाकर धमा चौकड़ी मचाता हूँ , खेल खेल में पूजा के सामान का नुक्सान भी हो जाता है . दादी के बारे में एक पोस्ट में बताना मुस्किल है आगे की पोस्ट में भी दादी के बारे में और बताउंगा .

5 comments:

Udan Tashtari said...

दादी को नमस्ते कह देना और हम को तिलपट दिलवाओ दादी से..हमें भी खानी है. :)

संगीता पुरी said...

मुझे अपनी दादी की याद आ गयी .. बहुत प्‍यार करती थी वो भी हमें !!

Anonymous said...

आज मेरी दादी नहीं रही... आखिरी समय में मैं उनसे नहीं मिल पाई... ज़िंदगी ऐसी ही है... जो आपके दिल के सबसे करीब होता है...उसके लिए आपके पास समय ही नहीं होता है... पिछले 8 महीने से वो बिस्तर पर थीं... इसलिए लगता है जैसे उन्हें उनकी तकलीफों से मुक्ति मिल गई...

Unknown said...

दादी का प्यार अनमोल है , माँ से भी ज्यादा प्यार करती है मुझे . आरा जाने के बाद उन्होंने मेरे लिए तिलकुट , लाइ , मेथी बनाई . मै रोज सुबह उठते ही लाई खाता हूँ , मुझे लाई खाता देख दादी को दिल से खुशी मिलती है . मेरी दादी टीचर है , समय कम है पर फिर भी अपनी ब्यस्त दिनचर्या से मेरे लिए काफी समय निकाल लेती है , मै चाहता हूँ दादी हमेशा मेरे पास रहे और मुझे प्यार करती रहे . मै दादी का प्यार पाकर बहुत खुश हूँ , और अपनी खुशी में ही ये पोस्ट लिख रहा हूँ . मै दादी के कमरे में जाकर उनके सामान को बिखरा देता हूँ और दादी ये देख कर खुश होती है . एक दिन मैंने उनके बक्से पर खूब जोर अजमाईस की और खोलने की कोशीश की . दादी बहुत ही पूजा पाठ करती है उन्होंने अपने लिए एक पूजा रूम बनवा रखा है , मै उस रूम में जाकर धमा चौकड़ी मचाता हूँ , खेल खेल में पूजा के सामान का नुक्सान भी हो जाता है . दादी के बारे में एक पोस्ट में बताना मुस्किल है आगे की पोस्ट में भी दादी के बारे में और बताउंगा .

MORADHWAJ TIWARI said...

no one can take the of mother because mother is like a god for us

 
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