Wednesday, May 5, 2010

माधव : नेचर ( nature) के साथ



कल माली घर पर आया था . पापा के कुछ पौधे मँगा रखे थे. माली ने तुलसी, एलो वेरा, कड़ी पत्ता और कुछ सुंदर मौसमी पौधे लगा दिए . खाली गमलों में रौनक आ गयी . माली गमलो में से मिट्टी निकाल कर पौधे लगा रहा था ,और मै वही पर बैठकर सब कुछ ध्यान से देख रहा था. माली की खुरपी लेकर मैंने भी कुछ सहयोग ( असहयोग ) किया . जब पौधे लग गए और पापा पौधों में पानी डालने के लिए बाल्टी से पानी लेकर आये तो मैंने रोकर जग खुद ले लिया और गमलों में पानी डालने लगा . पौधों में मै काफी पहले से ही पानी डालता आया हूँ , पापा को ऐसा करता देखकर मै भी पौधों को पानी देता हूँ . हरे हरे पौधों को देखकर दिल भी हरा भरा हो गया .





आप बताये ये कौन सा प्लांट है ?



आप बताये ये कौन सा प्लांट है ?



पानी देने से पौधे स्वस्थ रहते है




7 comments:

Vivek Rastogi said...

मीठा नीम लग रहा है, बहुत शैतानी हो रही है।

राजेन्द्र मीणा 'नटखट' said...

ped to main nahi pahchaan paya ,,,,,par sundar bachhe tumhe jaan gaya ,,,,,,bade shrarati ho meri tarh

http://athaah.blogspot.com/

नीरज जाट जी said...

शीर्षक में नेचर पढकर सोचा कि आज माधव पार्क में चला गया होगा, लेकिन यहां तो घर में ही पार्क बन रहा है।

माधव said...

@ Vivek Rastogi


आपने सही पहचाना ये मीठी नीम ही है , वधाई हो

रावेंद्रकुमार रवि said...

पौधा कोई भी हो,
पर यह काम बहुत बढ़िया है!

रावेंद्रकुमार रवि said...

आकर्षक और बहुत उपयोगी होने के कारण
इस पोस्ट को चर्चा मंच पर

"आज ख़ुशी का दिन फिर आया"

के रूप में सजाया गया है!

सतीश कुमार चौहान said...

बेटा देर से आऐ पर्ल से ज्‍यादा हमारी पांच पैसे में दो मिलने वाली संतरा या पांच अण्‍डा गोली में ज्‍यादा टेस्‍ट था.. बाय...
सतीश कुमार चौहान भिलाई
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