Monday, May 10, 2010

माधव और बैगन


आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' , दिव्या नर्मदा( http://divyanarmada.blogspot.com/) ने बैगन से जोड़कर मेरे ऊपर एक चौपाई लिखी है जो ये है --


माधव को बैंगन रुचे, थैला भरकर लांय.

श्री राधा के साथ मिल, भरता-बाती खांय..

2 comments:

Udan Tashtari said...

हमें भी खाना है. :)

संजय भास्कर said...

mughe bahut hi pasand hai.......

 
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