Tuesday, November 2, 2010

सायकिल की प्रैकटिश चल रही है

बड़े पापा आये और सायकिल खरीदा . पर ये मुझे अभी चलानी नहीं आ रही है . बड़े पापा रोज सुबह शाम मुझे सायकिल चलाना सीखा रहे है . चक्कर ये है की पैर नीचे से सायकिल के पैडल को खींच नहीं पा रहा है . इसके चलते आधा आधा पैडिल ही घुमाता हूँ , धीरे धीरे ही सही पर सायकिल चल तो रही है .
एक बात और बड़े पापा ने मुझे सायकिल सीखाया तो मैंने भी गुरु दक्षिणा में उन्हें कंप्यूटर का यु पी एस बंद करना सिखाया .









12 comments:

Chinmayee said...

बधाई हो ....
और क्या बढ़िया गुरु दक्षिणा है ...:)

यश(वन्त) said...

Good Practice.Lage raho Madhav :)

संजय भास्कर said...

lage raho madhav ji...

..............jab shikh lo to hume bhi ghumana

कविता रावत said...

Nayee cycle aur wah bhi apni ho to chalani ka maja kuch or hi hota hai... bahut achhi lag tasveeren

राज भाटिय़ा said...

अबे सीट नीचे करवा ले फ़िर धीरे धीरे अभ्यास हो जायेगा, लेकिन बेटा सडक पर मत चलाना,ऎसी जगह चलाओ जहां कोई कार वगेरा ना आती हो

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

हॉं बेटा, पहले साइकिल सीख लो तभी तो बाइक का नम्‍बर लगेगा।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

हॉं बेटा, पहले साइकिल सीख लो तभी तो बाइक का नम्‍बर लगेगा।

नीरज जाट जी said...

बेटा, हेलीकॉप्टर से सीधे साइकिल पर?

रानीविशाल said...
This comment has been removed by the author.
रानीविशाल said...

अरे माधव ! तुम्हारी साइकल तो बहुत अच्छी है ...बधाई !
माधव यह दिक्कत तो हाईट के कारण मुझे भी आई थी फिर ममा ने मुझे अपनी देसी ट्रिक कैची चलाने की हिदायत दी वह काम भी की . खैर ! अब तो में यहाँ LA में हूँ और मेरी साईकल NJ में लेकिन तुम भी ट्राई करना . कल हेलोवीन की थकान के कारण तुम्हारी पोस्ट नहीं देखी थी सो आज ही देखी ...तुम्हारा हैलीकाप्टर तो बहुत अच्छा है , आज कल बड़ी मौज चल रही है :)
ढेर प्यार
आज मेरे ब्लॉग पर देखना डॉग परेड ....हा सच्ची !!
अनुष्का

M VERMA said...

प्रयास जारी रखो

चैतन्य शर्मा said...

Han Madhav.... Practice to karani padegi...

 
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