Friday, October 8, 2010

माई साइकिल इज बैक ( My cycle is Back)

मेरा थ्री व्हीलर कई दिनों से खराब हुआ पड़ा था . कोई ध्यान ही नहीं दे रहा था , अब परसों मुझे अपने थ्री व्हीलर की याद आई , इसे निकाला पर टूटा होने के कारण थ्री व्हीलर चल नहीं पाया , मै मायूस हो गया , मेरा मायूस चेहरा देख मम्मी पापा बहुत दुखी हुवे . पापा अगले दिन जल्दी छुट्टी लेकर घर आये , मुझे , और मम्मी को साथ लिया और मेरे थ्री व्हीलर को लेकर पंजाब साइकिल स्टोर , माल रोड पर गए , थ्री व्हीलर की मरम्मत कराई , फिर वेल्डिंग कराई . तब जाकर मेरा थ्री व्हीलर ठीक हुआ , अब मै इस पर खूब सवारी कर रहा हूँ .

एक बात और पापा की नक़ल कर मै भी हेलमेट पहन कर ही अपनी गाड़ी ( थ्री व्हीलर ) चलाता हूँ , डरता हूँ, कही चालन ना कट जाए.













9 comments:

Pankhuri Times said...

माधव भैया, मुझे भी आपकी पीं (गाडी)पर बैठना है. दूर दिल्ली घूमूँगी और हाँ डोन्ट वरी , पीं गन्दी हो गयी तो धुलवाने में भी हेल्प कर दूँगी.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

माधव बेटा,
पापा का हेल्मेट आपके लिये बहुत भारी होगा इसलिये उनसे कहकर अपने लिये एक अलग हल्का सा हेल्मेट मंगवा लो।

Ranjan said...

vaah vaah.. jald hi 2 wheeler par aa jaao...

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर माधब, सब को नवरात्रो की शुभकामनायें,

चैतन्य शर्मा said...

v good madhav .... safety sabse pahale...

शुभम जैन said...

areee wah madhav....mujhe bhi lift milegi kya :)

Vijai Mathur said...

Madhav,
Tumharey 3 posts ek saath dekhe aur jankari mili.padh kar achcha laga.

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar said...

Bahut khoob----ap to halmet pahan kar ekdam smart ban gaye hain----bahut sundar saikal hai apki.
Hemant

नीरज जाट जी said...

अरे भाई, घर से बाहर तो निकल। चालान तेरी मम्मी थोडे ही काटेगी।

 
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