Monday, October 25, 2010

बड़े पापा के साथ भारत द्वार (इंडिया गेट)


बड़े पापा , पापा और मम्मी के साथ कल भारत द्वार( इंडिया गेट ) गया . हमारा सबसे प्यारा पिकनिक स्थल इंडिया गेट ही है और वहाँ गए कई दिन हो गए थे. रात में इंडिया गेट जाने और वहाँ के खुले फील्ड में घूमना मुझे बहुत पसंद है . इंडिया गेट जाने पर तीन चार चीजे हर बार कॉमन होती है जैसे एक बाल खरीदना , बबल फेकले वाली मशीन लेना , कुरकुरे खाना और लौटते रास्ते में कही खाना खाना .

तो ये सारी बाते कल भी हुई . इंडिया गेट पर बड़े पापा ने मेरे लिए एक बाल खरीदी , बबल फेकने वाली मशीन ली , मैंने भी कुरकुरे खाया और लौटते समय मेरठ वाले रेस्तरा में हम सबने खाना खाया .














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11 comments:

शिक्षामित्र said...

हमने बचपन के पल तो नहीं बिताए इंडिया गेट के आसपास।अलबत्ता,अब ज़रूर जाते हैं कभी-कभार। मध्यरात्रि तक मजमा लगा रहता है।

महेन्द्र मिश्र said...

इंडिया गेट की बात ही निराली है ...

Saba Akbar said...

माधव जी के बड़े मज़े हो रहे है... :)

संगीता पुरी said...

बहुत दिन बाद तुम्‍हें देखा .. स्‍नेह और आशीर्वाद !!

यश(वन्त) said...

बहुत अच्छा लगा माधव तुम्हारे साथ इंडिया गेट देख कर.
God Bless!

POOJA... said...

thank you so much India gate kee yaad dilane ke liye... and us Merath wale restaurant ka address hame bhi de do... waha kee jalebiyaan lazeez dikh rahi thee...

सुधीर said...

शानदार। बड़े मज़े हो रहे है...

P.N. Subramanian said...

खाना कहाँ खाया. डोसा खाया.

राज भाटिय़ा said...

मजा आ गया माधब , हम भी घुम लिये तुम्हारे संग,

संजय भास्कर said...

ARE WAH SAIR HO RAHI HAI KYA BAAT HAI
BAHUT KHOOB

ZEAL said...

lovely pics.

 
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