मम्मी अक्सर दो लोरी गाती है , मम्मी मुझे सुलाने के लिए ये लोरी गाती है --
चुप रह चुप रह बाल बच्ना
तोहार माई बाबू गईले
शिकार खेलना
सझियाँ के आइहे भर अंगना
दुधवा पिलईहे
भर पेटवा
मम्मी की दुसरी लोरी---
चन्दा मामा दूर के
पुआ पकावे गुड़ के
अपने खाए थाली में
मुन्ना को दे प्याली में
प्याली गए टूट
मुन्ना गया रूठ
कविता :- प्रयास करो तो ऐसा
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*कविता :- प्रयास करो तो ऐसा *
प्रयास करो, प्रयास करो....
जिन्दगी के लिए प्रयास करो,
कुछ करने के लिए प्रयास करो....
जिन्दगी में सुधर करने का, प्रयास करो,
कि...














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