Monday, November 9, 2009

बुखार

कल शाम से ही मिजाज कुछ ठीक नहीं है . कल शाम को तीन बजे मम्मी ने सुला दिया था नींद रात को आठ बजे खुली और तभी से बुखार है. मम्मी ने पिछली बार की छुटी हुई दवा कालपोल (colpol) एक चम्मच पिलाया. मेरा शरीर जब ज्यादा गरम हुआ तो पापा चिंतीत हो गए , मम्मी को बोलकर मेरा स्वेटर , थर्मल और मोजा अलमारी से निकलवा कर मुझे पहना दिया . दवा के असर और स्वेटर की गर्मी से मेरा बुखार एक घंटे में उतर गया . फिर पापा ने मम्मी को बताया की मौसम बदल रहा है , माधव का कुछ ख़ास ध्यान रखना पडेगा , ये बात मम्मी को बुरी लगी की "कोई उनको मेरा ख्याल रखने को कहे " , मम्मी पापा पर गुस्सा हो गयी पर कुछ कहा नहीं . आज सुबह फिर मुझे बुखार हो गया , पापा ऑफिस जाने से पहले मामा को साथ लेकर मुझे डॉक्टर के पास ले गए , डॉक्टर आंटी ने दो दवाइया लिखी दवाइयाँ है - पारासीटामोल सीरप ( Paracetamol syrup I.P) और Promethazine Elixir Syrup. रास्ते में ही पापा को रंजन अंकल का फोन आया , उन्होंने खुसखबरी सुनाई की उनको बेटी हुए हुई थी . पापा ने उनको पुत्री होने पर वधाई दी .

सुबह से ही वो दवाइयाँ पी रहा हूँ और तब से ही बुखार नहीं है , शाम को जब पापा घर आये तो मै पापा से फिर बाहर घुमने की जिद की और हारकर पापा मुझे घुमाने ले गए .










दवाइयाँ

1 comments:

Laviza said...

मौसम बदल रहा है दोस्त शायद इसीलिए... अब कैसे है आप ?

 
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