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मेरे पास गणेश जी है , भगवान् नहीं बल्कि एक दोस्त के रूप में . वर्षा दीदी ने मुझे मेरे पहले जन्म दिन पर मुझे उपहार स्वरूप गणेश जी गिफ्ट किया था . घर में एक कील पर टंगे रहते है मेरे गणेश , बगल में ही एक बन्दर भी हाथ ऊपर कर लटका होता है . कभी कभी उतरते है तो मै उनके साथ खेल लेता हूँ. सूड़ पकड़कर उन्हें उठाता हूँ . उनके नाक को पकड़ता हूँ , गणेश जी भी मेरे साथ खूब खेलते है . एक दिन खेल खेल में मैंने उनकी धोती भी खोल दी . गणेश जी मुझे बहुत पसंद है. मेरे दोस्त नमन के आखों में गणेश जी बहुत खटकते है और वो उन्हें अपने घर में ले जाने की सोचता है. पर ये गणेशजी तो मेरे है और मेरे घर में ही रहेंगें .
1 comments:
बहुत सुंदर .. खूब खेलो !!
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