Friday, March 11, 2011

नौकुचियाताल( Nine Cornered lake)


पांच मार्च को माधव के स्कुल में वार्षिकोत्सव था . छ मार्च को हम दिल्ली से सुबह आठ बजे नौकुचियाताल के लिए निकल पड़े . रविवार के चलते सड़के खाली थी , हम सरपट निजामुदीन ब्रिज से होते हुए ,NH-24 पर आ गए . गाजिआबाद ,हापुड ,गजरौला, मुरादाबाद ,टांडा , बाजपुर , कालाढूंगी ,हल्दानी , काठगोदाम होते हुए शाम को चार बजे हम नौकुचियाताल पहुच गए . वहाँ क्लब महिंद्रा के रिसार्ट में हमारा कमरा बुक था .

नौकुचियाताल कुमायूँ हिमालय की सबसे बड़ी झीलों में से एक है जो चारों ओर से पहाडियो से घिरी हुई है . हमारा रिसोर्ट झील के बिलकुल सामने चीड और देवदार के लंबे -लंबे पेडों से घिरा हुआ था . नौकुचियाताल झील नौ कोनों वाली(Nine cornered lake) पहाडो से घिरी है , और किवदंती है कि जो भी आदमी इस झील के नौ कोनों को एक साथ देख ले , उसे निर्वाण की प्राप्ति होती है , हमने शिकारा बोट से झील के नौ कोनों को निहारा. झील और उसकी हरियाली मन्त्र मुग्ध करने वाली थी . नौकुचियाताल काफी शांत और कोलाहल रहित जगह है.

अगर आप शांति प्रिय और सुकून से जीने वाले है तो नौकुचियाताल आपके लिए उपयुक्त जगह है .













अगली पोस्ट : भीमताल की सैर ( भीम की गदा से बनी एक झील )

3 comments:

Kailash C Sharma said...

बहुत सुन्दर चित्र...

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर चित्र ओर सुंदर यात्रा विवरण

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर चित्रण| धन्यवाद|

 
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