Saturday, March 12, 2011

भीमताल

नौकुचियाताल से चार किलों मीटर की दूरी पर भीम ताल लेक है . कहा जाता है की भीम ने अपनी गदा से इस झील का निर्माण किया था . वैसे भीमताल कुमाऊँ हिमालय की सबसे बड़ी झील है .झील के चारो तरफ सड़क बनी है . झील के चारो ओर के पहाडो पर के जंगल को काटकर अपार्टमेंट बन रहे है .

माधव ने झील में कुछ कंकड -पत्थर फेंके , जनाब को ये काम पसंद आया और इस काम को बखूबी अंजाम दिया . जब तक हम झील के पास रहे , जनाब झील में पत्थर मारते रहे .

वैसे आकार में बड़ी होने के वावजूद , व्यापक शहरीकरण के कारण भीमताल उतनी खूबसूरत नहीं लगी . झील को चारों ओर से घेरे पहाडो पर हरियाली नदारद थी . पर एक बार तो इस झील को देखा जा सकता है .










6 comments:

Manpreet Kaur said...

wah bouth he sunder jagha lag rahe hai ye .... man kar rahaa hai ki mein ve jau... thanx for good post...
have a good day
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Kailash C Sharma said...

बहुत मजे हो रहे हैं आजकल...बहुत सुन्दर फोटो..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

लगता है पूरा उत्तराखण्ड ही घूमने का मन बनाया हुआ है आपने!
मेरे घर खटीमा भी जरूर आना!

राज भाटिय़ा said...

हम ने १०८८ मे इसे देखा था, बहुत सुंदर

अनुष्का 'ईवा' said...

बहुत सुन्दर ..

नीरज जाट जी said...

हो गया शुरू जाट के नक्शे कदम पर चलना।
लगे रहो। इन गर्मियों में एक ग्लेशियर की उम्मीद कर लें क्या?

 
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