कविता :- प्रयास करो तो ऐसा
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*कविता :- प्रयास करो तो ऐसा *
प्रयास करो, प्रयास करो....
जिन्दगी के लिए प्रयास करो,
कुछ करने के लिए प्रयास करो....
जिन्दगी में सुधर करने का, प्रयास करो,
कि...
Wednesday, June 30, 2010
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10 comments:
कभी खुशी कभी गम
रूदन भी तो जरूरी है
हा हा! समझ गये शीर्षक!!
अर्र्रे.. बच्चु... सो सेड.. मस्त रहो...
प्यार..
आ गया समझ मे राज!
अबे बच्चू आंसू तो एक भी नही आया??? इतनी जोर से रो रहा है या एक्टिंग कर रहा है???
सही कहा नन्हें दोस्त।
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किसने कहा पढ़े-लिखे ज़्यादा समझदार होते हैं?
आपको शुभकामनाएं , स्नेह और आशीर्वाद माधव ..
और हाँ,
प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया
बच्चे हंसते हुए ही अच्छे लगते हैं।
हम न चाहें,तब भी दुख घेर ही लेते हैं। इसलिए कम से कम अपनी ओर से तो कोशिश नहीं करनी चाहिए रूलाने की-और वह भी बच्चों को।
wah bhaaee wah .
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