कल रविवार था . हम मेट्रो रेल से फूफाजी ( अनुष ) के घर गए थे . हम माल रोड के पास रहते है और फूफाजी मेहरौली में . जाने के लिए सीधी मेट्रो सेवा है . मै मेट्रो में कई दिनों से नहीं बैठा था , और मम्मी पापा से मेट्रो पर चलने की जिद कर रहा था . सो कल पूरी एक घंटे की मेट्रो की सवारी हुई . अनुष से मिलकर अच्छा लगा और खूब धूम धडाका हुआ .


10 comments:
माधव भैया, जब दिल्ली आऊँगी तो मैं भी मेट्रो में बैठूँगी. कित्ता मज़ेदार .......
तुम तो मेट्रो में सुस्त बैठे हो और लिखा है मज़ा आया
वाह. बल्ले बल्ले.
यार माधब मे तो बोर हो जाता हुं मेट्रो मे बेठ कर बिलकुल तेरी तरह से...... पापा को बोलो एक हेलीकाप्ट्र लेले माधब के संग हम भी उसी मे बेठेगे:)
आपकी यात्रा बहुत बढ़िया रही!
ढेर सार प्यार!
आपकी चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी तो है!
http://mayankkhatima.uchcharan.com/2011/02/30-33.html
खूब घूमो-फिरो ...यही तो दिन हैं मस्ती के...
bhaiya aap ne to delhi metro ki yad dila di
badiya prasang
bahut badhiya
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http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/02/blog-post.html
मेरी बदमाशिया.....
अच्छा लगा
मैट्रो के सफ़र की सुहानी यादें ताज़ा हो गईं!
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