Monday, January 31, 2011

माल रोड से महरौली (दिल्ली मेट्रो से )

कल रविवार था . हम मेट्रो रेल से फूफाजी ( अनुष ) के घर गए थे . हम माल रोड के पास रहते है और फूफाजी मेहरौली में . जाने के लिए सीधी मेट्रो सेवा है . मै मेट्रो में कई दिनों से नहीं बैठा था , और मम्मी पापा से मेट्रो पर चलने की जिद कर रहा था . सो कल पूरी एक घंटे की मेट्रो की सवारी हुई . अनुष से मिलकर अच्छा लगा और खूब धूम धडाका हुआ .
















10 comments:

Pankhuri Times said...

माधव भैया, जब दिल्ली आऊँगी तो मैं भी मेट्रो में बैठूँगी. कित्ता मज़ेदार .......

Vijai Mathur said...

तुम तो मेट्रो में सुस्त बैठे हो और लिखा है मज़ा आया

Kajal Kumar said...

वाह. बल्ले बल्ले.

राज भाटिय़ा said...

यार माधब मे तो बोर हो जाता हुं मेट्रो मे बेठ कर बिलकुल तेरी तरह से...... पापा को बोलो एक हेलीकाप्ट्र लेले माधब के संग हम भी उसी मे बेठेगे:)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said...

आपकी यात्रा बहुत बढ़िया रही!
ढेर सार प्यार!
आपकी चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी तो है!
http://mayankkhatima.uchcharan.com/2011/02/30-33.html

KK Yadava said...

खूब घूमो-फिरो ...यही तो दिन हैं मस्ती के...

Alok Mohan said...

bhaiya aap ne to delhi metro ki yad dila di
badiya prasang

Coral said...

bahut badhiya

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http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/02/blog-post.html

मेरी बदमाशिया.....

राकेश कौशिक said...

अच्छा लगा

रावेंद्रकुमार रवि said...

मैट्रो के सफ़र की सुहानी यादें ताज़ा हो गईं!

 
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