Monday, September 12, 2011

रेल म्यूजियम दिल्ली :अभी भी छुक-छुक करती है फेयरी क्वीन


कल यानी रवीवार (11/09/2011) को मै माधव को लेकर रेल म्यूजियम गया . माधव को ट्रेन से बहुत लगाव है. ट्रेन देखते की रोमांचित हो जाते है और चिल्लाने लगते है ट्रेन गाड़ी छुक ..छुक ....छुक ! दिल्ली में तो वैसे ही किसी सड़क पर निकल जाए मेट्रो रेल तो दिख ही जाती है , बस क्या ! मेट्रो देखते ही ट्रेन ट्रेन चिल्लाने लगते है .

ट्रेन की इस धुन को सही खुराक देने के लिए रेल म्यूजियम से अच्छी जगह और क्या हो सकती है . रेल परिवहन संग्रहालय नई दिल्ली में शांतिपथ, चाणक्यपुरी में 1977 में स्थापित किया गया था। करीब 12-14 एकड़ जमीन पर बने इस म्यूजियम में 1853 से 1994 तक के रेल परिवहन के इतिहास से जुड़े करीब 70 तरह के इंजन, क्रेन, सैलून कोच देखने को है । यही नहीं, रेलवे इतिहास से जुड़ी विदेशी वस्तुएं, जैसे पुराने मॉडल भी यहां पर उपलब्ध है























4 comments:

Kailash C Sharma said...

बहुत सुन्दर..

"रुनझुन" said...

बहुत खूब... माधव आपने तो हमें भी रेल म्यूजियम की सुन्दर सैर करा दी...थैंक्यू!

Er. सत्यम शिवम said...

waah madhav....khub masti karo....:)

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

हूँ देखा है हमने भी।

 
Copyright © माधव. All rights reserved.
Blogger template created by Templates Block Designed by Santhosh
Distribution by New Blogger Templates