Friday, August 13, 2010

जय श्री राम

मामा के साथ कोलोनी के मंदिर गया , वहाँ जय श्री राम का उदघोष हो रहा था . पंडित जी में मेरे ललाट पर तिलक लगा दिया . तिलक बहुत ही जबरदस्त था, इतना जबरदस्त की मै भी "जय श्री राम" का उद्घोष करने लगा. मेरी मम्मी रोज भगवान की पूजा करती है उन्हें देखकर मै भी मंदिर के आगे शीश नवाता हूँ.





जय श्री राम
जय श्री राम

राम भक्त माधव





8 comments:

संजय भास्कर said...

........जय श्री राम

संजय भास्कर said...

jai shri ram jai ho madhav ki

शिक्षामित्र said...

बच्चे स्वयं भगवान होते हैं,इसलिए उन्हें औरों की जयकार करने से पहले विचार नहीं करना होता।

Coral said...

राम भक्त .... :-) हनुमान

SKT said...

राम नाम जी की जय जय! हमें भी राम की लगन लग गई!!

Udan Tashtari said...

जय सिया राम भई!! इत्ता चिल्ला चिल्ला कर बोलोगे तो अगली बार बी जे पी वाले चुनाव में ले जायेंगे. :)

kewal krishna said...

आपसे मिलकर खुशी हुई माधव। बहुत खुशी हुई।

दिगम्बर नासवा said...

बहुत सुंदर लग रहे हो आज तो .... इतना लंबा टीका ....

 
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