Friday, August 27, 2010

रक्षा बंधन - 2010

इस साल से एक दिन पहले ही ऋतू दीदी और वर्षा दीदी की राखी डाक से आ गयी . राखी के दिन मम्मी ने उनकी तरफ से मुझे टीका किया , आरती उतारी ,फिर राखी बाँध दी . उसके बाद हल्दी राम के रसगुल्ले भी मिले.






2 comments:

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

are wah bahut badhiya.

Bhushan said...

माधव मुझे भी ऐसा ही बनाया गया था. अब तुम बड़े हो गए हो. अब सभी तुम्हें अच्छा बालक कहा करेंगे. शूभकामनाएँ और ढेर सारा प्यार.

 
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