Saturday, July 3, 2010

इंडिया गेट 02/07/2010

कल मम्मी पापा के साथ इंडिया गेट गया था . वहाँ पर बहुत सारे पक्षी ( कौवे और मैना) थे. कौवों को मैंने बिस्कुट खिलाया , बिस्कुट खिलाने के बाद उनके पीछे -पीछे दौड़ने लगा . कोवों ने मुझे भाग भाग कर थका दिया.















14 comments:

Ranjan said...

kya mast photo aaye he dost maja aa gaya..


pyar...

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर, यार एक आध कोवा पकड लेना था ना

अनामिका की सदाये...... said...

badhiya he.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत ही अच्छे लग रहे हो माधव जी!

नीरज जाट जी said...

अरे, इण्डिया गेट कहां है?

दीनदयाल शर्मा said...

इंडिया गेट पर कौवे !!!!!...कौवे तो वैसे भी ख़त्म होते जा रहे हैं... अपने अच्छा काम किया ....पाखिओं को बिस्कुट खिला कर...घर पर भी ऐसा किया करो...उनके लिए घर पर पानी का बर्तन भी रखो छत पर.. और उसमें समय समय पर पानी डाला करो...मेरी हार्दिक शुभकामनायें....

माधव said...

@ नीरज जाट जी
we are in the lawns of India Gate, away from the india gate so India Gate is not visible

माधव said...

@ दीनदयाल शर्मा
very benevolent advice , i will follow

Akshita (Pakhi) said...

बहुत दिन बाद कौवों के बारे में कुछ पढने को मिला.

चित्र तो भी सुन्दर हैं.

सैयद | Syed said...

ये लास्ट वाली फोटो तो मस्त है भाई :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर!
--
इस पोस्ट की चर्चा यहाँ भी की गई है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/4.html

पंकज मिश्रा said...

वाह गुरु। क्या कहने। तो आज कल घूमा जा रहा है। बारिश शुरु हो रही है उसका भी मजा लो। और हां उसके फोटो जरूर डालना। मजा आएगा।

अक्षयांशी सिंह सेंगर-Akshayanshi said...

क्यों जी कौवों के पीछे क्यों भाग रहे थे....क्या तुम भी पंख लगा कर आसमान की सैर करना चाहते हो?

दिगम्बर नासवा said...

अरे रे थक गये बच्चू ... कोई बात नही पर एक बात इन कोओं से ज़रूर सीखना ... चोकन्ना रहना ...

 
Copyright © माधव. All rights reserved.
Blogger template created by Templates Block Designed by Santhosh
Distribution by New Blogger Templates