Saturday, September 22, 2012

बर्फी

पिछले दिनों हमने बर्फी फिल्म देखी . माधव भी साथ गया था  , पहली बार उनका भी टिकट लगा . बर्फी दार्जिलिंग  की कहानी थी . मैं अपनी शादी के बाद दार्जिलिंग घूमने गया था . बहुत ही सुंदर शहर है . फिल्म में   दार्जिलिंग  के  दृश्य , टॉय ट्रेन और चाय के बागान देख कर दार्जिलिंग की यादें ताजा हो गयी .

बर्फी अच्छी फिल्म थी . माधव ने भी फिल्म बहुत चाव से देखी.  


2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (23-09-2012) के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:)

 
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