माधव आज सुबह जब जगे तो कहा " पापा ! आज भी रामलीला देखने जाऊँगा ". कल माधव को लेकर रामलीला देखने गया था . वहा का मेला , झूले और माहौल जनाब को बहुत पसंद आया . दो झूलों का आन्नद भी लिया . तभी मेले की खुमारी आज सुबह तक थी और जगते ही मेला जाने की बात की .
वैसे त्यौहार और मेलो का असली मजा बच्चे ही लेते है . बच्चों को हर नयी चीज अच्छी लगती है . फिर जैसे जैसे बड़े होते जाते है इन चीजों से दिल भरता जाता है . आप मेलो में उम्रदराज आदमी को कम ही देखेंगे .














2 comments:
मेरी तरफ से भी सबको शुभकामनाएँ!
बहुत अच्छे माधव बेटे खूब मजे लो छुट्टियों के|
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