इस बार कीआरा यात्रा में मुझे जवाहर नवोदय बिद्यालय , नवानगर बक्सर जाने का अवसर मिला मेरे बड़े पापा वही रहते है , वो इस स्कुल में प्राध्यापक है . नवोदय बिद्यालय कुछ मामलो में बहुत अनूठा है . शहर की भीड़ भाड़ से दूर प्रकिति की गोद में बसा ये बिद्यालय प्राचीन काल के गुरुकुल का आभास करता है.
खैर मुझे वहां खूब खेलने को मिला . राघव भैया ने मुझे पुरे स्कुल की सैर कराई . अपने दोस्तों से मिलवाया .मै वहां के छात्रावास में भी गया .







1 comments:
मिट्टी के माधव हो या की कोई और हो तुम
ब्लॉग जगत की बात करूं मैं, तो सिर मौर हो तुम.
Post a Comment