Monday, June 18, 2012

लक्की चाचू : मैट्रिक पास

माधव के एक छोटे चाचू है नाम है -लकी चाचू. उत्तर प्रदेश के सुदूर कोने में ,गंगा के किनारे बसे एक गांव बीरपुर (जनपद -गाजीपुर ) में रहते है , मस्त मौला सीधा सादा  जीवन. उम्र करीब उन्नीस साल . दो साल से मैट्रिक की परीक्षा में फेल हो रहे थे पर इस बार अखिलेश भैया के राज में मैट्रिक पास हो गए . करीब 85 %मार्क्स आये है . कमाल हो गया ! है ना !   

लकी चाचू  उर्फ अमित कुमार राय को मैट्रिक की परीक्षा पास करने पर बहुत बहुत वधाई .


बधाई कार्ड्स


लक्की चाचू के साथ माधव की एक तस्वीर 


Saturday, June 16, 2012

हैपी मील

कुछ चीजे अपने नाम के साथ सही न्याय (Justice)करती है . मैक्डोनल्ड का "हैपी मील" इसका एक अच्छा उदाहरण है. एक बर्गर , एक पैकेट फ्रेंच फ़्राइज , एक कोका कोला और एक सुन्दर समकालीन खिलोना . मैक्डोनल्ड के प्रोडक्ट बहुत सीमित है पर  लोकप्रिय है . मै करीब दस सालो से मैक्डोनल्ड  जा रहा हूं . इस फ़ूड रेस्तराँ में मुझे हर वर्ग के लोग दिखाई देते है . एक  छोटे  मध्यवर्गीय परिवार को इससे ज्यादा क्या चाहिए . बीबी  और बच्चा दोनों खुश . शायद इसीलिए इसे हैपी मील नाम दिया गया .


                                   अब माधव का बात करे . इनको  बर्गर बिलकुल पसंद नहीं है  , वावजूद माधव मैक्डोनल्ड की शॉप देखते ही अंदर चलने की जिद करते है .  करीब दो साल पहले , एक बार जब हम  मैक्डोनल्ड गए थे , हैपी मील का डब्बा  माधव ने ही खोला था , तो फ़ूड आइटम के साथ माधव को RIO मूवी का टॉय मिला था . उसी वक्त से माधव के दिमाग में ये बात बैठ गयी कि मैक्डोनल्ड  में जाने पर टॉय मिलता है .और तब से लेकर आज तक  मैक्डोनल्ड हैपी मील  की टॉय की हर सीरीज  माधव  के पास है .  अब तो मैक्डोनल्ड  की दूकान दिखते ही , माधव को बड़ी तेज भूख लगती है . डब्बे से टॉय निकालते समय माधव की उत्सुकता और चेहरे का हाव भाव देखते ही बनता  है . माधव बर्गर तो छूता भी नहीं है , हां फ्रेंच फ्राई टोमैटो केच अप से साथ चाव से खाते है .

इसी हफ्ते हम  मैक्डोनल्ड में गए थे . माधव हैपी मील से बहुत हैपी हुए . इस बार एक बदलाव और आया. पहले माधव रोनाल्ड मैक्डोनल्ड ( लाल बाल वाले आदमी )  से बहुत डरता था पर इस बार जनाब उसके गोद में बैठ कर फोटो खिचवा रहे थे . 























                                       








माधव के पास इक्कट्ठा कुछ  मैक्डोनल्ड  टॉय    

Saturday, June 9, 2012

माधव और बुचिया

माधव की छुट्टियाँ का आनंद तीन गुना हो गया है . पिछले एक महीने से समर वैकेसन चल रहा था था पर माधव अकेले होने के कारण छुट्टियों का लुत्फ़ पूरी तरह नहीं ले पा रहे थे , पर ये समस्या अब दूर हो चुकी है . माधव की एक दीदी (वर्षा ) और एक छोटी बहन (खुशी ) (जिसे माधव "बुचिया "कहते है )बुआ के साथ दिल्ली आई है . माधव अपनी बुआ और दोनों बहनों को रिसीव करने रेलवे स्टेशन भी गए थे .  अब जनाब दिन भर दोनों बहनों के साथ खेलते है , दिल्ली भ्रमण  भी हो रहा है और छुट्टियाँ मजे  से कट रही है . 
























Thursday, May 31, 2012

इट हैपेन्स वनली इन बचपन (It Happens only in BACHPAN)


पिछले रविवार को हम दिल्ली विश्वविदयालय ,कुलपति कार्यालय ,नोर्थ कैम्पस के पार्क  में गए थे . गर्मी के मौसम में भी वहा की हरियाली   देखकर दिल खुश हो जाता है . वैसे तो दिल्ली में हजारों  छोटे बड़े पार्क है पर ये पार्क मुझे सबसे सुंदर और शांत लगता है . पार्क की सुंदर देखभाल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की जीतनी तारीफ़ की जाय कम  है .


अब बात करे माधव की . पार्क की हरियाली देखकर माधव बहुत  खुश हुए . पहले तो जी भर कर दौड़े , खेले कूदे . थकने के बाद हरी  घास पर बैठे तो लेट गए फिर लोटते लोटते  ही पार्क का एक चक्कर लगा लिया .
माधव को घास पर लोटता देख मैंने मन ही मन कहा -इट हैपेन्स वनली इन बचपन (It Happens only in BACHPAN) 






















                                                 कुलपति का कार्यालय 















Monday, May 28, 2012

समर वर्क @ रात बारह बजे

माधव की  Summer vacations चल रही है . इन दिनों दिल्ली में दिन में सूरज आग बरसा रहा है सो दिन में कही जाने का सवाल ही नहीं है . इसलिए जनाब दिन में अच्छी नींद लेते है . अब दिन में नींद लेने के बाद , रात में जल्दी नींद कहा आती है , फिर क्या ,रात बारह बजे समर  होम वर्क करने लगे . होम वर्क में मन ऐसा रमा कि उठने का नाम ही नहीं ले रहे थे , फिर जबरदस्ती लाईट आफ की गयी तब जाकर जनाब सोये .






















Thursday, May 24, 2012

स्टीकर वाला नूडल्स

माधव जी अब काफी खोजी (Explorer) हो गए है . किसी दिन टीवी पर Knorr Soupy Noodles का विज्ञापन देखा जिसमे नूडल्स के पैकेट में छोटा भीम का स्टीकर मिलता है . अब बस उसी दिन से उसके दीवाने हो गए है , रोज वही नूडल्स चाहिए . नूडल्स का पैकेट खुलता है और स्टीकर पाने के लिए माधव की बेचैनी देखते बनती है. स्टीकर में कभी "राजू" मिलता है , कभी "कालिया" , कभी "छुटकी" . आज के पैकेट में "ढोलू -भोलू" निकले है . अभी तक "भीम" नहीं निकले है , खैर इन्तेजार जारी है ......






 स्टीकर देकर प्रोडक्ट बेचने का ये खेल कंपनियाँ कई सालो से कर रही है . मुझे मेरे बचपन की कई बाते याद है जिसमे किसी प्रोडक्ट में कुछ स्टीकर या कोई कार्ड मिलता था . मुझे याद है 1990 के आस पास कोई बबलगम के पैकेट के अंदर एक पर्ची निकलती थी जिसमे क्रिकेट के किसी प्लेयर की तस्वीर होती थी और एक से लेकर छ के बीच की कोई रन संख्या होती थी . १०० रन इकट्ठा हो जाने पर एक डायरी मिलती थी और पाच सौ इकट्ठा करने पर एक छोटा क्रिकेट बैट मिलता था. स्टीकर के लालच में और अधिक से अधिक रन जमा करने के लिए हम , बिना मन के भी वो बबलगम खरीदते थे . बबलगम का स्वाद तो होता नहीं था सो  बबलगम खाकर  मुह से फुलाते थे .  रन जुटाने के लिए हमारी , समकालीन साथियो से प्रतियोगिता भी चलती थी . किसी भी हाल में हमारे पास मेरे साथी से अधिक रन होने चाहिए .मुझे याद है मैंने १०० रन तो बहुत जल्द जुटा लिए और नजदीक के दुकानदार से डायरी भी ले ली थी . डायरी के बाद मेरा लक्ष्य ५०० रन जुटाकर बैट लेने की थी पर शायद मैं बैट नहीं ले पाया था .  वो भी क्या दिन थे..    लगता है अब वो बबलगम मार्केट में नहीं मिलता .

Monday, May 21, 2012

गर्मी की छुट्टियों में मौजा ही मौजा

माधव के स्कुल की गर्मी की छुट्टियाँ चल रही है . सेट रूटीन छूट गया है . अब तो जनाब सुबह में आराम से सात -आठ बजे तक  जागते है. जागते ही साइकिल उठा कर निकल लेते है . उसके बाद दिन चर्या की शुरुआत होती है . पोटी - ब्रश और स्नान.फिर छोटा भीम , उसके बाद कंप्यूटर ....


दोपहर में मम्मी कुछ समर होम वर्क कराती है फिर सो जाते है . शाम को नींद खुलते ही सायकिल लेकर निकल लेते है . रात को सोने तक कुछ ना कुछ चलता रहता है .


इसी दौरान मुझसे रोज फरमाइस भी करते है . कभी पार्क चलने की , कभी लेक चलने की , कभी इंडिया गेट तो कभी रेल  म्यूजियम................... 


गर्मी की छुट्टियों की कुछ तस्वीरे 


























मौज -मस्ती जारी है ................







Friday, May 11, 2012

गायत्री मंत्र

आज माधव के स्कुल में गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो गई . नए सत्र के लिए स्कुल अब दो जुलाई को खुलेगा . इस महीने माधव  ने गायत्री मंत्र याद कर लिया है . अब रोज रात  सोने से पहले पांच बार गायत्री मंत्र सुनाते है 





Friday, April 27, 2012

बैट्समैन मतलब सचिन

कल मै आई पी एल का मैच टी वी पर देख रहा था . माधव भी मेरे साथ ही बैठा था . सवाल दागा - पापा , जो बालिंग करता है उसे क्या बोलते है ?  , मैंने उत्तर दिया - बालर.

कुछ देर के बाद मैंने सोचा बैटिंग करने वाले को क्या बोलते है,  ये तो माधव ने पूछा ही नहीं .  फिर मैंने माधव से ही सवाल किया , बेटा जो  बैटिंग कर रहा है उसे क्या बोलते है . ? माधव का जबाब था - सचिन !

वैसे  माधव को अभी क्रिकेट की समझ नहीं है . जब भी  कभी ,आई पी एल की टाइमिंग से छोटा भीम  की टक्कर होती है . पिता -पुत्र में  भी टक्कर  होती है जिसका नतीजा कुछ ऐसा  होता है ..




Thursday, April 26, 2012

लीलू मैम और शिवाली मैम

माधव को नए स्कुल जाते आधा महीना हो चुका है . पर नए स्कुल में किसी से दोस्ती नहीं हुई है ना ही किसी सहपाठी का नाम याद हुआ है . हाँ नयी मैम का नाम याद हो चुका है . लीलू मैम और शिवाली मैम . माधव के अनुसार  लीलू मैम अच्छी है , प्यार करती है पर शिवाली मैम प्यार नहीं करती बल्कि गुस्सा करती है . 


हर छात्र अपने शिक्षक का सबसे बड़ा मूल्यांकन करता है . अपने छात्र का दिल जीतना अध्यापक का पहला काम होना चाहिए . मुझे लगता है  लीलू मैम ने ये काम कर लिया है . 


खैर मै कोई शिक्षा विद नहीं  हूँ , और उपरोक्त टिप्पड़ी  मेरा अपना पर्सनल व्यू है .


माधव के लिए एक स्टडी टेबल लिया है . रानी झांसी रोड , विडियो कान टावर के पीछे दिल्ली का सबसे बड़ा सायकिल मार्केट है  . वही से माधव के लिए स्टडी टेबल खरीदा है . अब होम वर्क इसी पर बैठ कर होता है .

















 
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