हां !मेरी गिनती हो गयी ("Yes, I have been counted). इस महीने विश्व की सबसे बड़ी जनगणना में मेंरी भी गिनती हुई . कुछ दिनों बाद जब भारत की जनसंख्याँ के अनंतिम आकडे (Tentative figure ) आयेंगे , तो उसमे एक संख्यां मेरी भी होगी .
आज मेरी दादी (माधव की परदादी )की पुण्यतिथि है . २५ फरवरी २००९ को उनका निधन हुआ था . उनकी मृत्यु के समय माधव करीब सवा साल का था .माधव को उन्होंने गोद में लेकर खिलाया था .बड़ी सुन्दर सी थी वो , झुरियाँ से उसकी त्वचा भरी पडी थी . मैंने उनको तब से देखा जब घर की बागडोर उनके हाथ में थी , धीरे धीरे बागडोर बहुएं छीनने लगी ,उसके बच्चें अलग होने लगे , आँगन में दीवारें खींच गई , खेतों में मेढ़े डाल दी गई और सब कुछ बाट लिए गए , पांच बेटे वाली माँ अकेले रहने लगी . पर दादी आत्मनिर्भर थी कभी भी दुसरो के आगे हाथ नहीं पसारा . हां नाती पोतो के लिए जान भी हाजिर करती थी वो. एक वृद्ध होती स्त्री क्या सोचती होगी अपने बच्चों के बारे में , जो उससे अलग अपना एक संसार बना लेते हैं?
दादी का मुझसे बहुत स्नेह था , और स्नेह भी वह नहीं , जो प्रगल्भ होता है और अपनी सारी कसक शब्दों में बिखेर देता है , उसका स्नेक मूक था , खूब ठोस , रस और स्वाद से भरा हुआ. पता नहीं आज मेरे परिवार में दादी को किस किस ने याद किया होगा , पर मैंने याद किया और आज की पोस्ट दादी के लिए .
मुझे पता ही वो स्वर्ग में बैठी मुझे देख रही होगी , और आशीर्वाद भी दे रही होगी .
क्रिकेट वर्ल्ड कप का आगाज हो चुका है . इंडिया ने अपना पहला मैच जीत भी लिया . ओपनिंग सेरेमोनी, मै , माधव के साथ टी वी पर देख रहा था . कई बंगलादेशी कलाकारों ने गीत संगीत प्रस्तुत किया , आखिर में कनाडा के ब्रायन एडम्स का गाना शुरू हुआ . मै अंगरेजी गानों का कोई खास शोकीन नहीं हू सो मैंने चैनल बदल दिया , माधव बाबू नाराज हो गए, तुरंत ब्रायन एडम्स का गाना लगाने की आज्ञा दी . मैंने ब्रायन एडम्स वाला गाना लगा दिया और माधव से पूछा , कुछ समझ में आ रहा है ? जबाब मिला हाँ. मैंने टी वी में ब्रायन एडम्स को दिखा कर कहा कौन है ये ? माधव ने कहा अंकल !
एक और दिलचस्प बात , माधव क्रिकेट देखने में भी रुची दिखा रहा है.
वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम शुभकामनाए.
माधव को स्कुल में रंगों की पहचान कराई जा रही है. रेड , ब्लैक , ग्रीन , पर्पल, येलो इन कलर्स को जान चुका है . इसके अलावा भी बहुत सारे रंग है सो तुरंत सवाल होता है" पापा ये कौन सा कलर है "?.अब कल माधव को लेकर सब्जी खरीदने गया था . शिमला मिर्च को देख कर बोला "ग्रीन ". तभी आलू और प्याज दिखा , अब फिर" पापा ये कौन सा कलर है "?
कुछ दिन पहले एक चश्मे वाली पोस्ट लिखी थी , दोस्त नमन के चश्मे पर माधव का दिल आ गया था . एक दिन फरमाइस हुई तो एक चश्मा खरीद दिया , अब दिन भर लगाए घूम रहे है .
पिछली शनिवार को मै, मम्मी पापा के साथ चिड़ियाघर गया था . वहाँ अनेक प्रकार के पौधे और जानवर देखकर मन गदगद हो गया . बतख , नीलगाय , मकैक बन्दर , चिम्पाजी , ब्लैक बक , चिंकारा , चील , बाज , हाथी , शेर , जगुआर , लोमड़ी , लकडबग्घा, बाघ आदि . कुल 71 प्रकार के जीव जंतु भरे पड़े थे . जानवरों को देखकर मन में एक कौतुहल होता था . अब घर आकर पापा से एलीफैंट की स्टोरी सुनाने को कहता हूँ. चिड़ियाघर की यादे अभी कई दिन रहेंगी .
ठण्ड धीरे धीरे उतर रहा है . शरीर से स्वेटर का भार हर दिन कुछ कम होता जा रहा है . टोपी और दस्ताने अगले साल के लिए साफ़ होकर रख दिए गए है . जाड़े का मौसम जा रहा है .
जाड़े से सबसे जयादा नुक्सान मेरे पौधों को हुआ है , कडाके की ठण्ड और पाले की वजह से करीब दस गमले सुख गए और बाकी पौधे भी धुप के बिना बीमार लग रहे है . हां संतरे और मौसम्मी के पोधो में फल आया हुआ है और संतरे तो पक भी गए है . संतरे के फल देखने में बहुत सुंदर लगते है . मेरा दोस्त नमन जब भी मेरे घर आता है , संतरे तोड़ने की कोशीश करता है .
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मेरा नाम माधव हूँ.. .. मेरा जन्म सोलह जनवरी 2008 को मंजू गीता मिश्रा होस्पीटल पटना में हुआ .आज कल मै मम्मी - पापा के साथ दिल्ली में रहता हूँ.सबका लाडला हूँ और खूब शैतानियाँ करता हूँ . इन सबको सहेज कर पापा (मृत्युंजय कुमार राय) ने ये ब्लॉग बनाया है जहां आप मेरे जहाँ को देख- पढ़ सकते है.
पापा का अपना ब्लॉग भी है - http://qsba.blogspot.com/
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मेरे नाम अनेक , दोस्तों ,
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कोई मुझसे सोनू कहता ,
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- हुसैन को एक खांचे में फिट करके द...
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बताना चाहता हूँ पर अभी किसी कारणवश देरी हो रही है मैं जहाँ रहता हूँ न वहाँ
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Illness, Injury & School
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take a week...
बेबी रेबिट
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एक बेबी रेबिट था । उसे एक चाक्लेट मिली । उसनें वह चाक्लेट अपनी मम्मी को दे
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मतलब होता है '' रोशनी की कतारें. '' हिन्दू लोगों में इसका बहुत महत्व है. सब
इसे...
बिग आल- हूबहू नहीं पर कहानी वही
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आज ऐन्ड्रू क्लेमेंट्स योशी की कहानी "बिग आल" का हिन्दी रूपांतरण- हूबहू नहीं
पर कहानी वही।
पूरे नीले समंदर में बिग आल जैसी अच्छी मछली नहीं थी। मगर वो दि...
एक नदी नर्मदा
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एक नदी नर्मदा
*डॉ. महेश चन्द्र शर्मा*
एक नदी इठलाती,
बलखाती,
गुनगुनाती।
सूर्य की रश्मियों में,
धवल ज्योत्सना में।
अपनी चुनरी में
गोटा सजाती...
मेरा नाम माधव हूँ.. .. मेरा जन्म सोलह जनवरी 2008 को मंजू गीता मिश्रा होस्पीटल पटना में हुआ .आज कल मै मम्मी - पापा के साथ दिल्ली में रहता हूँ.सबका लाडला हूँ और खूब शैतानियाँ करता हूँ . इन सबको सहेज कर पापा ने ये ब्लॉग बनाया है जहां आप मेरे जहाँ को देख- पढ़ सकते है ,
!आप यहाँ आये,मेरे बारे में जानकारी ली ! आपका शुक्रिया!!